BREAKING NEWS : अयोध्या में बनेगा राम मंदिर

अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना अंतिम फैसला सुना दिया है । सर्वोच्च अदालत ने अयोध्या में राम मंदिर बनाने का फैसला सुनाया है , जबकि सुन्नी वक्फ बोर्ड को दूसरी जगह अलग से 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया है । साथ ही अदालत ने कहा है कि सरकार ट्रस्ट बनाकर राम मंदिर का निर्माण करे । तीन महीने के अंदर ट्रस्ट बनाने का आदेश दिया गया है ।

एक व्यक्ति की आस्था दूसरे का अधिकार न छीनेः

कोर्ट जज ने कहा है कि कोर्ट को देखना है कि एक व्यक्ति की आस्था दूसरे का अधिकार न छीने । मस्ज़िद साल 1528 की बनी बताई जाती है , लेकिन कब बनी इससे फर्क नहीं पड़ता । दिसंबर को मूर्ति रखी गई । कोर्ट ने कहा है कि कोर्ट हदीस की व्याख्या नहीं कर सकता । नमाज पढ़ने की जगह को मस्ज़िद मानने के हक को हम मना नहीं कर सकते । 1991 का प्लेसेस ऑफ वरशिप एक्ट धर्मस्थानों को बचाने की बात कहता है ।

इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला पारदर्शी था : SC

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को खारिज नहीं किया है । सुप्रीम कोर्ट ने कहा । है कि हाईकोर्ट का फैसला पूरी तरह पारदर्शी था । इसके अलावा मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने अपने फैसले में रामलला विराजमान को कानूनी मान्यता दी , लेकिन राम जन्मभूमि को न्यायिक व्यक्ति नहीं माना ।

अयोध्या फैसला . . . . – खुदाई में मिला ढांचा गैर – इस्लामिक था :

सीजेआई or सीजेआई ने कहा कि राम जन्मभूमि एक न्यायिक व्यक्ति नहीं हैं ।

– पांच जजों ने सर्वसम्मति से लिया फैसला ।

– सीजेआई रंजन गोगोई ने फैसला पढ़ते हुए कहा कि सभी धर्मों को समान नजर से देखना सरकार का काम है ।

– अदालत आस्था से ऊपर एक धर्म निरपेक्ष संस्था हैं । 1949 में आधी रात में प्रतिमा रखी गई ।

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